“और बताओ क्या चल रहा है?”

आधे लोग ऊपर का sentence पढ़ते ही बोल उठेंगे “फॉग”।

ये नतीजा है advertising का। 

अपना देश भी अजीब है यार।

जैसे वो घास होती है ना, जो हवा की दिशा में झुक जाती है, वैसे ही लोग हो गए हैं हमारे। आधे बेचारे दफ़्तरों में फाइलों और सॉफ्टवेयर से जूझ रहे हैं, बाकी आधे व्हाट्सएप्प और फ़ेसबुक में वाद विवाद में लगे पड़े हैं। एक तो अपना जो इंडियन shhtyle है ना, कि कोई भी चीज़ हाथ लगे तो अपना जुगाड़ू दिमाग चलाने लगते हैं सब, उसी की बदौलत है कि सरकारें बदल गइं, पीढ़ियाँ बदल गईं पर मजाल है अपनी मानसिकता बदल जाये।

ज़रा से भड़काया नही किसी ने की चल पड़े एक दूसरे को निपटाने। भाईसाहब अपने UP बिहार दिल्ली की तो ठीक है, कभी online बहस में पड़के देखो। न युद्व की Feel आ जाये तो बताना।

एक बेरोज़गार बंदा एक अजीब सी फोटू पर 2 sentence लिख कर डालता है facebook पर, “tag a friend who has ____ “, tag a friend who looks like ____”,

या एक भिन्न देशीय नागरिक की फ़ोटो डाल के लिखता है कि “शादी करूँगा तो राहुल/टीना/शोना/मोना से, tag a Rahul/Teena for him/her”,

और हम शौक से अपने प्रिय मित्रजनों को tag करके जो रायता फैलाते हैं कि अपने friend तो ठीक, friend of friend की फेसबुक भी भर देते हैं। उससे शायद मन नहीं भरता तो एक और गज़ब ट्रेंड चल रहा है जहां किसी का नाम अगर A से शुरू होता है तो वो आपको pizza खिलायेगा, जिसका P से शुरू होता है वो मूवी दिखायेगा।

क्यों दिखायेगा भाई? क्यों खिलायेगा? 

मतलब PM साहब ने कहा था डिजिटल इंडिया, ये थोड़ी बोला था कि सारी डील सेटिंग online ही कर लो? 

एक और बड़ा भयंकर शौक़ चढ़ा है लोगों को, youtube का। कभी अगर दिल बैठा हो और हिम्मत चाहिए हो, या प्यार में धोखा खाये दोस्त को ठीक करना हो, तो youtube के trending सेक्शन में चले जाना। अगले 2 दिन तक आपका दिमाग सुन्न रहेगा अगर टॉप 10 वीडियो देख लिए आपने तो। 

और कुछ हिम्मत वाले लोग बच गए होंगे. उनको ढिंचक पूजा का एक आध वीडियो दिखा देना। रहा सहा काम भी हो जाएगा।

ये सब तो ठीक था, आजकल तो सारे केस यहीं फ़ेसबुक पर निपट जाते हैं। एक offensive फोटो भेज दो facebook पर, फिर देखो पब्लिक कैसे इलाज करती है आपका। शुद्ध देसी आवभगत। ऐसी ऐसी चीज़ें बोलेंगें की आप भी सोचेंगे जाने कब के पापों की सज़ा मिल रही है। और कभी गलती से किसी फेमिनिस्ट को आहत कर दिया, तो दुनिया खत्म समझो।

फेसबुक अकेला आधे देश का कारोबार संभाले हुए है आज की तारीख में।

खैर, जैसा भी है, अपना देश है यार। अगर कुछ चीज़ें अजीब हैं तो कुछ अच्छी भी हैं। जितने धर्म शांति से यहां रहते हैं उतने दुनिया के किसी देश में शांति से नहीं रह सकते। एक औसत भारतीय का दिमाग काफी smart होता है , ऐसा कहीं पढ़ा था। बस ज़रूरत है सही जगह लगाने की।

चलिए. आप आराम किजिये, ढिंचक पूजा के गानों पर नाचिये या tag tag खेलें, जो भी करें थोड़ी अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रयोग भी करें। ये ज़रूर देख लें कि सामने वाला भी आपके टाइप का है या नहीं, वरना कहीं ऐसा न हो कि आप बनने चलें हों दबंग और फेसबुक आपको “विवेक ओबेरॉय” बनाके छोड़ दे। एंजेल प्रिया से सावधान रहें।

चलते हैं। फिर मिलेंगे।

-Abhinav Jain

©abhi3375.wordpress.com

“The curious soul”.

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s